जनपदवार खबरें पढ़े

अनुदेशक अमरोहा अमेठी अम्बेडकरनगर अयोध्या अलीगढ़ अवकाश आगरा आजमगढ़ आदेश इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जनपदवार खबरें जालौन जिलाधिकारी जूनियर शिक्षक संघ जौनपुर झाँसी देवरिया पीलीभीत प्रतापगढ़ प्रदर्शन प्रयागराज प्राथमिक शिक्षक संघ फतेहपुर फर्जीवाड़ा फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहांपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर समाचार सम्भल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
"BSN" प्राइमरी का मास्टर । Primary Ka Master. Blogger द्वारा संचालित.

LEVEL WISE POST SEARCH

BSN - प्राइमरी का मास्टर के U-YouTube Channel पर जाने के लिए नीचे लोगो पर क्लिक करें

BSN - प्राइमरी का मास्टर के U-YouTube Channel पर जाने के लिए नीचे लोगो पर क्लिक करें
BSN - प्राइमरी का मास्टर के यू-ट्यूब चैनल पर जाने के लिए उपरोक्त लोगो पर क्लिक करें ।
Header Ads

सुविचार

उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए ।
Arise, awake and Stop not till the Goal is Reached.

हिमाचल : 250 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला, एक हजार फर्जी दाखिले दिखाकर हड़पा 11 करोड़ का वजीफा

0 comments

हिमाचल : 250 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला, एक हजार फर्जी दाखिले दिखाकर हड़पा 11 करोड़ का वजीफा

देवेंद्र ठाकुर, अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 18 Jul 2020 02:44 AM 
सांकेतिक तस्वीर
 


सीबीआई ने 250 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले की परतें खोलने शुरू कर दी हैं। केसी ग्रुप नवांशहर की जांच में खुलासा हुआ है कि संस्थान ने चार सालों में करीब 1000 फर्जी दाखिले दिखाकर करीब 11 करोड़ रुपये की राशि हड़प ली है।
विज्ञापन

केंद्रीय जांच एजेंसी ने दस्तावेजों की पड़ताल और लंबी पूछताछ में पाया है कि संस्थान, शिक्षा विभाग के अधिकारी और बैंक ने मिलकर पूरे घोटाले को अंजाम दिया। वर्ष 2013 से लेकर 2017 के बीच संस्थान में पढ़ाई करने के नाम पर करीब 1200 विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। जांच के दौरान इसमें एक हजार आवेदन फर्जी पाए गए हैं। 
सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक संस्थान ने करोड़ों की छात्रवृत्ति हड़पने के लिए निजी कंप्यूटर सेंटरों से बच्चों के दस्तावेज हासिल किए और उन्हीं के नाम पर विभिन्न योजनाओं के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति हड़प ली। ज्यादातर विद्यार्थियों को भी पता नहीं है कि दस्तावेजों में उन्होंने कई डिग्रियां हासिल कर ली हैं। ऐसे कंप्यूटर सेंटरों पर भी केंद्रीय जांच एजेंसी शिकंजा कस रही है। इसमें पता लगाया जा रहा है कि दस्तावेज मुहैया करवाने में उन्होंने कितने पैसों का लेन-देन किया। यही वजह है कि सीबीआई की टीम मामले में मुख्य आरोपी शिक्षा विभाग के अधीक्षक अरविंद राज्टा समेत संस्थान के वाइस चेयरमैन हितेश गांधी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा नवांशहर के कैशियर एसपी सिंह से एक बार फिर पूछताछ के लिए कैथू जेल पहुंची थी। सीबीआई अभी तक इस मामले में शिक्षा विभाग, बैंक और निजी संस्थान के प्रबंधकों समेत 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर चुकी है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें