एक छत के नीचे 'प्राइमरी का मास्टर' से जुड़ी शिक्षा विभाग
की समस्त सूचनाएं एक साथ

"BSN" प्राइमरी का मास्टर । Primary Ka Master. Blogger द्वारा संचालित.

Search Your City

लखनऊ : नई शिक्षा नीति से अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए युवाओं होंगे तैयार - राज्यपाल

0 comments
लखनऊ : नई शिक्षा नीति से अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए युवाओं होंगे तैयार - राज्यपाल

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं के लिए प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार करना है- राज्यपाल

विशेष संवाददाता- राज्य मुख्यालय राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधपति आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति केन्द्र सरकार की एक सराहनीय पहल है। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य प्राथमिक स्कूली शिक्षा से लेकर कालेज स्तर की उच्च शिक्षा तक पाठ्यक्रमों में बदलाव कर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं के लिए प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार करना है।उन्होंने कहा कि इससे स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी एवं उद्देश्यपूर्ण परिवर्तन आएगा। कक्षा एक से लेकर कक्षा पांच तक अनिवार्य रूप से मातृ भाषा व स्थानीय भाषा में शिक्षा ग्रहण करने से बच्चों का तेजी से बौद्धिक विकास होगा। नई शिक्षा नीति के तहत अब छात्रों को पहले से तय विषय चुनने की बाध्यता भी समाप्त कर दी गई है। अब छात्र अपनी मर्जी से कोई भी विषय चुन सकता है। भौतिक विज्ञान का छात्र चाहे तो वह संगीत या इतिहास को दूसरे विषय के रूप में भी चुन सकता है। बोर्ड परीक्षाओं का तनाव भी खत्म कर दिया गया है। राज्यपाल ने कहा कि बदलती जरूरतों के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बदलाव की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

महत्वपूर्ण सूचना...


बेसिक शिक्षा परिषद के शासनादेश, सूचनाएँ, आदेश निर्देश तथा सभी समाचार एक साथ एक जगह...
सादर नमस्कार साथियों, सभी पाठकगण ध्यान दें इस ब्लॉग साईट पर मौजूद समस्त सामग्री Google Search, सोशल नेटवर्किंग साइट्स (व्हा्ट्सऐप, टेलीग्राम एवं फेसबुक) से भी लिया गया है। किसी भी खबर की पुष्टि के लिए आप स्वयं अपने मत का उपयोग करते हुए खबर की पुष्टि करें, उसकी पुरी जिम्मेदारी आपकी होगी। इस ब्लाग पर सम्बन्धित सामग्री की किसी भी ख़बर एवं जानकारी के तथ्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी एवं समस्या पाए जाने पर ब्लाग एडमिन /लेखक कहीं से भी दोषी अथवा जिम्मेदार नहीं होंगे, सादर धन्यवाद।