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महराजगंज : शिक्षिका का आपरेशन कर पेट में ही छोड़ दी थी कॉटन

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महराजगंज : शिक्षिका का आपरेशन कर पेट में ही छोड़ दी थी कॉटन

हिन्दुस्तान टीम,महाराजगंज | Published By: NewswrapUpdated: Sun, 02 Aug 2020 04:35 AM

बेसिक शिक्षा परिषद की एक शिक्षिका का प्रसव पीड़ा के दौरान शहर के एक निजी हॉस्पिटल में आपरेशन हुआ। आरोप है कि आपरेशन के दौरान डॉक्टर ने पेट में ही कॉटन छोड़ दिया। इससे शिक्षिका की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद अस्पताल के जिम्मेदारों ने हाथ खड़ा कर लिया। इसके बाद दूसरे निजी हास्पिटल ने शिक्षिका को खून चढ़ाकर गोरखपुर रेफर कर दिया। वहां इलाज शुरू हुआ। जांच के दौरान यह पता चला कि पेट में काटन है। इसके बाद दोबारा आपरेशन कर गोरखपुर के डॉक्टरों ने पेट से काटन निकाला। तब जाकर शिक्षिका की जान बची। इस मामले में शिक्षिका के पति प्रशांत मिश्र ने सीएमओ को प्रार्थना पत्र देकर निजी अस्पताल की लापरवाही के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की है। आईजीआरएस पर भी शिकायत दर्ज कराई है। गोरखपुर के नगर पंचायत सहजनवा के केशोपुरवा मोहल्ला के रहने वाले प्रशांत मिश्र ने बताया कि उनकी पत्नी अंशिका महराजगंज जिले में परिषदीय विद्यालय में बतौर शिक्षिका तैनात हैं। प्रसव पीड़ा के बाद तीन मई को उसे महराजगंज के इस निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। आपरेशन के दौरान पेट में काटन छोड़ दिया गया। आठ मई को गोरखपुर में आपरेशन हुआ, जिसके बाद जान बची। तीन माह तक इलाज के बाद शिक्षिका की तबीयत में सुधार हुआ। इस दौरान ढाई लाख रुपया खर्च हुआ। शिक्षिका के पति ने सीएमओ से इस मामले में जांच करते हुए ऐसे हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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