लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जिले में मिड-डे मील बनाने के लिए बने टीन शेड व आपर्ति वाले स्कूलों का मौका मुआयना करने का निर्देश दिया है और प्रतिदिन के कार्य का ब्योरे के साथ हलफनामा दाखिल करने को कहा है। याचिका की सुनवाई ११ जनवरी को होगी। कोर्ट ने मिड-डे मील आपूर्ति में लापरवाही के आरोपी गोरखपुर में प्राइमरी स्कूल झकही के प्रधानाचार्य याची जीत नारायण सिंह के निलंबन पर लगी रोक जारी रखी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टण्डन तथा न्यायमूर्ति हर्ष कुमार की खंडपीठ ने जीत नारायण सिंह की याचिका पर दिया है। याचिका पर विद्यासागर व घनश्याम मौर्या ने बहस की। राज्य सरकार से हलफनामा दाखिल कर कोर्ट द्वारा मांगी गई जानकारी दी गई जिसमें बताया गया है कि गोरखपुर में कुल तीन लाख ८९ हजार ३९९ बच्चों को मिड-डे मील दिया जा रहा है। जिले में २१९९ प्राइमरी स्कूल व १०३५ अपर प्राइमरी स्कूल हैं। ३२३४ स्कूलों में मिड-डे मील दिया जा रहा है। इस योजना को लागू करने के लिए २४६७ रसोई बनाई गई हैं। ८७७० रसोइये खाना बनाने में लगे हैं। यही सफाई आदि व्यवस्था भी कर रहे हैं। केवल १०३ स्कूलों में एनजीओ महिला संस्था मिड-डे मील उपलब्ध करा रही है।
SAMAYOJAN, MEMORANDUM, UPPSS : सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया एक
बार फिर विवादों में घिरी, सीडीओ करेंगे जांच, बीएसए से मांगी गई रिपोर्ट
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