जनपदवार खबरें पढ़े

अनुदेशक अमरोहा अमेठी अम्बेडकरनगर अयोध्या अलीगढ़ अवकाश आगरा आजमगढ़ आदेश इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जनपदवार खबरें जालौन जिलाधिकारी जूनियर शिक्षक संघ जौनपुर झाँसी देवरिया पीलीभीत प्रतापगढ़ प्रदर्शन प्रयागराज प्राथमिक शिक्षक संघ फतेहपुर फर्जीवाड़ा फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहांपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर समाचार सम्भल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
"BSN" प्राइमरी का मास्टर । Primary Ka Master. Blogger द्वारा संचालित.

LEVEL WISE POST SEARCH

BSN - प्राइमरी का मास्टर के U-YouTube Channel पर जाने के लिए नीचे लोगो पर क्लिक करें

BSN - प्राइमरी का मास्टर के U-YouTube Channel पर जाने के लिए नीचे लोगो पर क्लिक करें
BSN - प्राइमरी का मास्टर के यू-ट्यूब चैनल पर जाने के लिए उपरोक्त लोगो पर क्लिक करें ।
Header Ads

सुविचार

उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए ।
Arise, awake and Stop not till the Goal is Reached.

प्रयागराज : नियुक्ति की योग्यता है तो एक साल में दो डिग्री पर बर्खास्तगी अवैध

0 comments
प्रयागराज : नियुक्ति की योग्यता है तो एक साल में दो डिग्री पर बर्खास्तगी अवैध

हिन्दुस्तान टीम,प्रयागराज | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ही सत्र में दो डिग्री हासिल करने के आरोप में बर्खास्तगी करने के आदेश को रद्द करने के एकल पीठ के आदेश को सही ठहराते हुए कहा कि यह जानते हुए भी कि नियुक्त अध्यापक पद की निर्धारित योग्यता रखता है, फिर भी उसे बर्खास्त करना गलत है। कोर्ट ने कहा है कि अधिकारियों को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता से निर्णय लेना चाहिए।यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने दिया है। बीएसए ने एक ही सत्र में हाईस्कूल व समकक्ष दो डिग्री हासिल करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया था। खंडपीठ ने प्रधानाध्यापक की बर्खास्तगी को रद्द करने के एकल पीठ के आदेश को सही माना है और बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ से दाखिल विशेष अपील खारिज कर दी है।याची जनवरी 2006 में सहायक अध्यापक नियुक्त हुआ। उसके बाद उसे जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नत किया गया। सात दिसम्बर 2019 को उसे निलंबित कर विभागीय जांच बैठाई गई और 13 जनवरी 2020 को आरोप पत्र दिया गया। आरोप लगाया गया कि उसने वर्ष 1984 में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से पूर्व मध्यमा की डिग्री हासिल की और उसी साल उसने यूपी बोर्ड से हाईस्कूल भी पास किया। यानी एक साल में एकसाथ दो डिग्री हासिल की। जांच रिपोर्ट के बाद उसे 11 जून 2020 को बर्खास्त कर दिया गया। बीएसए गोरखपुर के इस आदेश को चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी आदेश रद्द कर दिया और सेवा में बहाली का आदेश दिया। साथ ही कहा कि अध्यापक को सुनवाई का मौका न देना नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन है। वह पद की निर्धारित योग्यता रखता है और नियुक्ति की गई है तो यह अवैध नहीं मानी जाएगी। एकल पीठ के इस आदेश को अपील में चुनौती दी गई थी।खंडपीठ ने कहा कि बीएसए को पता है कि अध्यापक के पास दो डिग्री है और वह पद पर नियुक्ति की निर्धारित योग्यता रखता है तो उसे बर्खास्तगी जैसा दंड नहीं दिया जा सकता। इसी के साथ खंडपीठ ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें