जनपदवार खबरें पढ़े

अनुदेशक अमरोहा अमेठी अम्बेडकरनगर अयोध्या अलीगढ़ अवकाश आगरा आजमगढ़ आदेश इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्धनगर चन्दौली चित्रकूट जनपदवार खबरें जालौन जिलाधिकारी जूनियर शिक्षक संघ जौनपुर झाँसी देवरिया पीलीभीत प्रतापगढ़ प्रदर्शन प्रयागराज प्राथमिक शिक्षक संघ फतेहपुर फर्जीवाड़ा फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहांपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर समाचार सम्भल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
"BSN" प्राइमरी का मास्टर । Primary Ka Master. Blogger द्वारा संचालित.

LEVEL WISE POST SEARCH

BSN - प्राइमरी का मास्टर के U-YouTube Channel पर जाने के लिए नीचे लोगो पर क्लिक करें

BSN - प्राइमरी का मास्टर के U-YouTube Channel पर जाने के लिए नीचे लोगो पर क्लिक करें
BSN - प्राइमरी का मास्टर के यू-ट्यूब चैनल पर जाने के लिए उपरोक्त लोगो पर क्लिक करें ।
Header Ads

सुविचार

उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए ।
Arise, awake and Stop not till the Goal is Reached.

लखनऊ : यूपी शिक्षक भर्ती इस वर्ष लिखित परीक्षा होने की संभावना कम, UPSESSB को दी गई एग्जाम की जिम्मेदारी

0 comments
लखनऊ : यूपी शिक्षक भर्ती इस वर्ष लिखित परीक्षा होने की संभावना कम, UPSESSB को दी गई एग्जाम की जिम्मेदारी

विशेष संवाददाता,लखनऊ | सहायता प्राप्त स्कूलों में अध्यापकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा के इस वर्ष होने की संभावना कम हो गई है। इस परीक्षा का जिम्मा परीक्षा नियामक प्राधिकारी को सौंपा गया था लेकिन अब निर्णय लिया गया है कि इसकी परीक्षा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग कराएगा। प्रदेश के लगभग तीन हजार एडेड स्कूलों में 3500 से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त हैं।पिछले वर्ष ही यह फैसला लिया गया था कि इस परीक्षा को पीएनपी ( परीक्षा नियामक प्राधिकरण) कराएगा। पीएनपी परिषदीय स्कूलों में होने वाली सहायक अध्यापक भर्ती की लिखित परीक्षा दो बार से करवा रहा है। लिहाजा सहायताप्राप्त स्कूलों के लिए भी भर्ती का जिम्मा पीएनपी को सौंपा गया था लेकिन परीक्षा के स्वरूप पर स्पष्ट अभिमत न मिलने के कारण पीएनपी ये परीक्षा अभी तक नहीं करवा पाया। दरअसल, जूनियर हाईस्कूल में विषयवार शिक्षक रखे जाते हैं। वहीं रिक्तपद स्कूल वार होते हैं। ऐसे में परीक्षा स्वरूप को लेकर कई ऐसे मुद्दे थे जिन पर शासन का अभिमत मांगा गया था।  

*लम्बे समय से थी रोक*

एडेड स्कूलों में 2015 से भर्तियों पर रोक लगी थी। बीच में कुछ समय से लिए भर्तियां खोली गईं लेकिन फिर रोक लगा दी गई। हालांकि शासन को शिकायतें मिली हैं कि प्रबंधतंत्र ने मिलीभगत से भर्तियां की हैं।2015 के बाद नियुक्त शिक्षकों की रिपेार्ट भी अलग से तैयार की जा रही है। अभी तक प्रबंधतंत्र साक्षात्कार करके बीएसए के अनुमोदन से नियुक्तियां करते थे, जिससे चयन में जमकर गड़बड़ियां होती रही। यही कारण रहा कि बीते वर्ष राज्य सरकार इस भर्ती की कमान खुद संभाल ली और लिखित परीक्षा को चयन का पैमाना बनाया लेकिन अभी तक लिखित परीक्षा हो नहीं पाई है। ये परीक्षा कक्षा 6 से 8 तक के अध्यापकों के लिए होनी है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें